श्री गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस: उत्तर प्रदेश में अब 25 नवंबर को रहेगा अवकाश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सिख धर्म के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में घोषित अवकाश की तिथि में संशोधन किया है। पहले इस महत्वपूर्ण दिवस पर अवकाश 24 नवंबर को घोषित किया गया था, लेकिन अब इसे बदलकर 25 नवंबर, 2025 (मंगलवार) कर दिया गया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान ने वर्ष 2025 के अवकाश कैलेंडर में आवश्यक संशोधन जारी कर दिए हैं।
यह परिवर्तन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद करते हैं और उनके बलिदान दिवस को मनाते हैं। गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस प्रतिवर्ष 24 नवंबर को होता है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को पूरे भारतवर्ष में सम्मान के साथ याद किया जाता है, और कई उत्तरी राज्यों में इस दिन को सार्वजनिक अवकाश के रूप में भी मनाया जाता है।
सरकार द्वारा अवकाश की तिथि में यह संशोधन, वर्ष 2025 के लिए जारी अवकाश सूची का हिस्सा है। पहले यह अवकाश 24 नवंबर को निर्धारित था, जिसे अब प्रशासनिक कारणों से या अन्य व्यवस्थाओं के चलते 25 नवंबर के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। इस बदलाव से सिख समुदाय और अन्य नागरिकों को अब 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस के अवसर पर अवकाश मिलेगा।
श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत का इतिहास सिख धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने औरंगजेब की धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाई और लाखों हिंदुओं को जबरन धर्मांतरण से बचाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उनका बलिदान केवल सिख समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों को बनाए रखने के महत्व को दर्शाता है।
