Penny Stock Scam: ईडी की जांच में 50 से अधिक लोग और कंपनियां, मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह
नई दिल्ली। पेनी स्टॉक में हेरफेर के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है, जिसमें 50 से अधिक व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं। ईडी को संदेह है कि इन संस्थाओं ने शेयरों की कीमतों में हेरफेर करके मनी लॉन्ड्रिंग की है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन सभी को नोटिस जारी कर उनकी वित्तीय जानकारी मांगी है।
पेनी स्टॉक, छोटी कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले कम कीमत वाले शेयर होते हैं, जो अपनी अस्थिरता के कारण अक्सर जांच के दायरे में आ जाते हैं। ईडी, जो धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) का प्रशासन करता है, ने पिछले कुछ हफ़्तों में कई लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें उन्हें अपनी वित्तीय जानकारी का खुलासा करने के लिए कहा गया है। प्रत्येक नोटिस में एक कंपनी का उल्लेख है जिसके शेयर की कीमत में कथित तौर पर हेरफेर किया गया था।
नोटिस प्राप्त करने वालों को उस कंपनी के साथ अपने संबंधों का विवरण देना होगा। ये नोटिस पीएमएलए की धारा 50(2) के तहत जारी किए गए हैं, जो ईडी को जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति को सबूत देने और दस्तावेज पेश करने के लिए बुलाने का अधिकार देता है।
पीएमएलए का उपयोग किसी मामले में आपराधिक गतिविधि के आधार पर जांच शुरू करने के लिए किया जाता है। यदि शेयर बाजार में हेरफेर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत अपराध बन जाता है, तो यह सख्त कानून लागू किया जा सकता है। यदि पीएमएलए के तहत अवैध लाभ या ‘अपराध से अर्जित आय’ पाई जाती है, तो ईडी संपत्तियों और बैंक खातों को जब्त कर सकता है।
जांच के दायरे में आए व्यक्तियों और संस्थाओं को पैन, आधार और पासपोर्ट की प्रतियां जमा करने के साथ-साथ अपने बैंक खातों, कंपनियों और साझेदारियों का विवरण देना होगा, जहां वे निदेशक, भागीदार या शेयरधारक हैं। उन्हें अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण भी देना होगा, जिसमें संपत्ति खरीद समझौतों के साथ-साथ हर संपत्ति को प्राप्त करने के लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत का विवरण शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई शेयर बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए की जा रही है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।
