ऐतिहासिक राम बरात में त्रेता युग की तर्ज पर सजी आगरा की सड़कें | agra news
मंगलवार की शाम आगरा की सड़कों पर ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को त्रेता युग की याद दिला दी। शहर के रावतपाड़ा से जब दूल्हे के रूप में सजे भगवान श्रीराम का कारवां आगे बढ़ा, तो पूरा शहर आस्था के रंग में रंग गया। इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंचे थे, जिससे स्थानीय बाजारों में भारी जनसमूह उमड़ पड़ा।
रावतपाड़ा स्थित लाला चन्नोमल की बारहद्वारी में विधि-विधान से पूजन और आरती के बाद चारों भाइयों के स्वरूप अपने-अपने रथों पर सवार हुए। सबसे अंत में ऐरावत हाथी की भव्यता वाले रथ पर विराजमान भगवान श्रीराम के दर्शन कर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और राज्य के मंत्रियों समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रभु के स्वरूपों की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
शोभायात्रा में शामिल 168 झांकियों ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया। इसमें धार्मिक पौराणिक प्रसंगों के साथ-साथ आधुनिक भारत की झलक भी देखने को मिली। किसान के जीवन संघर्ष, भारतीय जवानों के शौर्य और आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के पराक्रम को दर्शाती झांकियों ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। बच्चों के लिए डायनासोर और माखन चोरी करती लीलाएं मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
ऐतिहासिक मार्ग से गुजरने वाली इस बरात के स्वागत में शहरवासियों ने छतों से पुष्प वर्षा की और मुख्य मार्गों पर लगाई गई बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिए भी लोगों ने इस भव्य आयोजन का आनंद लिया। इस प्रकार के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है।
