दिव्या की हत्या के बाद मानस और शीबा की मौत: क्या तीसरे व्यक्ति का हाथ? प्रज्ञा ने उठाए सवाल
लखनऊ में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पुलिस महकमे को उलझा दिया है। आईसीआईसीआई बैंक की अधिकारी और यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या मिश्रा की उसके पति मानस ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद जब पुलिस मानस की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पहुंची, तो वहां दो और शव मिले – एक मानस का और दूसरा उसकी बहन शीबा का। पुलिस का प्रारंभिक दावा है कि मानस ने पहले दिव्या की हत्या की, फिर अपनी बहन की हत्या कर आत्महत्या कर ली।
हालांकि, प्रज्ञा मिश्रा ने इस थ्योरी पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि मानस और उसकी बहन शीबा की हत्या किसी तीसरे व्यक्ति ने की है। उन्होंने पूरी घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं और पुलिस से इन रहस्यों को उजागर करने की अपील की है।
हत्या के पीछे तीसरे व्यक्ति की आशंका
प्रज्ञा मिश्रा ने हत्या के अगले ही दिन यह आशंका व्यक्त की थी कि मानस को किसी का सहयोग मिल रहा था। हत्या के बाद ऑटो से घर भागना और उसके पास से तीन हथियारों की बरामदगी कई सवाल खड़े करती है। पुलिस को भी अब मानस की कॉल डिटेल से किसी तीसरे व्यक्ति के इस वारदात में शामिल होने के संकेत मिले हैं। पुलिस की एक टीम इस मामले की जांच के लिए आईसीआईसीआई बैंक भी जाने वाली है।
प्रज्ञा के गंभीर सवाल
प्रज्ञा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस से गहन जांच की अपील करते हुए कई सवाल दागे हैं। उनका कहना है कि मानस ने तीनों को बहुत करीब से गोली मारी, क्या यह पूर्व नियोजित था? क्या दिव्या को मानस ने मारा और फिर मानस व शीबा को किसी और ने? प्रज्ञा ने इस मामले को ‘ओपन शट केस’ मानने से इनकार करते हुए इसे बेहद रहस्यमय बताया है।
बैंक और घर के बीच की दूरी मात्र 10-15 मिनट होने के बावजूद, दिव्या की हत्या के बाद 35-45 मिनट तक मानस कहां था? क्या वह किसी से मिला था? क्या घर के अंदर कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद था जिसने मानस और शीबा की हत्या की? क्या घर में घुसने और निकलने का कोई और रास्ता भी था?
व्हाट्सएप स्टेटस और ‘चीट’ शब्द का रहस्य
दिव्या की हत्या के बाद मानस ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था कि दिव्या चीट कर रही थी और हत्या का कारण प्रज्ञा व उसके पति गगन को पता है। प्रज्ञा ने सवाल उठाया कि मानस आमतौर पर हिंग्लिश में लिखता था, तो स्टेटस इंग्लिश में किसने और क्यों अपडेट किया? क्या यह पुलिस को भटकाने की कोशिश थी?
तलाक का केस लंबे समय से चलने के बावजूद, ‘चीट’ शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया? प्रज्ञा का मानना है कि अगर मानस को पता होता कि दिव्या चीट कर रही है, तो उसे तलाक के केस में फायदा मिल सकता था।
हथियारों की उपलब्धता पर सवाल
प्रज्ञा ने सबसे बड़ा सवाल हथियारों की उपलब्धता पर उठाया है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति के घर पर एक साधारण लाठी तक नहीं थी, उसके पास दो पिस्टल और एक देसी तमंचा कहां से आया? कौन उसे इस जघन्य अपराध के लिए उकसा रहा था? क्या किसी की नजर मानस के घर में मौजूद कथित ‘डेढ़ करोड़’ के स्त्रीधन पर थी?
प्रज्ञा ने जोर देकर कहा कि मानस इतना सनकी या साइको नहीं था कि वह खुद चींटी भी मार सके। यह स्पष्ट है कि हत्यारा कहीं से हथियार लाया होगा। अगर एक सामान्य बैंक कर्मचारी की पहुंच पिस्टल गिरोह तक है, तो लखनऊ को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस को इन सभी पहलुओं की गहन जांच करनी चाहिए। यदि पिस्टल कहां से आईं, इसका पता नहीं चलता है, तो यह मामला किसी अन्य एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए। प्रज्ञा ने अपनी बहन और मानस की मानसिक रूप से बीमार बहन शीबा को न्याय दिलाने की मांग की है।
