लखनऊ में विधिक साक्षरता कार्यशाला: विद्यार्थियों को मिले मौलिक अधिकार और कर्तव्य की जानकारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय स्थित विधिक सहायता केंद्र और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ पब्लिक कॉलेज जानकीपुरम में विधिक साक्षरता विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में निहित उनके मौलिक अधिकारों और मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे एक सजग नागरिक बन सकें।
कार्यशाला का आयोजन दो सत्रों में किया गया, जिसमें कक्षा सात से दस तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को संविधान के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी अत्यंत सरल और सुगम भाषा में प्रदान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत विधिक सहायता केंद्र की सदस्य अनुष्का सिंह ने की, जिन्होंने संविधान के अनुच्छेद चौदह से अठारह के अंतर्गत समानता के अधिकार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कानून के समक्ष समानता, जाति, धर्म, लिंग, जन्मस्थान और अन्य आधारों पर भेदभाव के निषेध तथा उपाधियों की समाप्ति से संबंधित प्रावधानों को विस्तार से समझाया।
इसके पश्चात्, कविता यादव ने अनुच्छेद उन्नीस से बाईस के अंतर्गत नागरिकों को प्राप्त विभिन्न स्वतंत्रता के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने, संघ बनाने, देश में स्वतंत्र रूप से भ्रमण करने और निवास करने तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों को विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। नयनिका सिंह ने अनुच्छेद तेईस और चौबीस के अंतर्गत शोषण के विरुद्ध अधिकार तथा अनुच्छेद पच्चीस से अट्ठाईस के अंतर्गत धार्मिक स्वतंत्रता के प्रावधानों को भी सरल भाषा में समझाया।
नमन यादव ने सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों की जानकारी देते हुए अनुच्छेद उनतीस और तीस की व्याख्या की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की शरण लेने का संवैधानिक अधिकार विद्यार्थियों को प्राप्त है। कार्यशाला के अंतिम चरण में श्रेयांश सिंह ने संविधान के अनुच्छेद इक्यावन क के अंतर्गत नागरिकों के मूल कर्तव्यों की जानकारी दी और विद्यार्थियों को जिम्मेदार तथा सजग नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मीणा ताँगरी ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के विधिक सहायता केंद्र का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और विधिक सहायता केंद्र के सदस्य उपस्थित रहे।
