जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, दो साल बाद आवेदन पर लेनी होगी कोर्ट की अनुमति | agra news
आगरा में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियमों में कड़े बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब समय पर आवेदन न करने वालों की मुश्किलें बढ़ने तय हैं। जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण के लिए आवेदन करने पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और प्रमाण पत्र आसानी से जारी कर दिया जाएगा।
हालांकि, यदि यह अवधि दो साल से अधिक हो जाती है, तो प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा और अदालत की मंजूरी अनिवार्य होगी। बिना न्यायिक अनुमति के इस सीमा के बाद प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। नगर निगम और इसके चारों जोनल कार्यालयों में रोजाना औसतन 250 आवेदन प्राप्त होते हैं, जिन्हें अब नए संशोधनों के तहत प्रोसेस किया जा रहा है।
नगरायुक्त संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को जन्म-मृत्यु संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जनता के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे तय समयसीमा के भीतर ही दस्तावेजों का पंजीकरण कराएं ताकि भविष्य में होने वाली कानूनी जटिलताओं और अनावश्यक भागदौड़ से बचा जा सके।
