दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, छेड़खानी की घटनाओं से सहमी छात्राएं | delhi news
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा एक बार फिर से बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। सड़कों पर लड़कियों को घूरना, फब्तियां कसना और उनका पीछा करना अब इतना आम हो गया है कि समाज इसे नजरअंदाज करने लगा है। यह स्थिति न केवल डरावनी है, बल्कि यह महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के अधिकार को भी सीधे तौर पर चुनौती देती है।
हाल ही में मुखर्जी नगर इलाके में हुई एक गंभीर घटना ने इस प्रशासनिक नाकामी को उजागर कर दिया है। यहां दो छात्राओं को कुछ मनचलों ने जबरन कार में खींचने की कोशिश की। इस संगीन वारदात के बावजूद स्थानीय पुलिस का रवैया बेहद ढुलमुल और संवेदनहीन नजर आया। एफआईआर दर्ज करने और त्वरित कार्रवाई करने के बजाय, पीड़ित डरी-सहमी लड़कियों को न्याय की गुहार लगाने के लिए एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने पड़े।
ऐसी घटनाएं न केवल पीड़िताओं के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती हैं, बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अविश्वास पैदा करती हैं। जब कानून के रखवाले ही इस तरह की घटनाओं में हीला-हवाली करते हैं, तो अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। इस प्रकार के मामलों में त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की सख्त आवश्यकता है, ताकि सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।
