फ्लाईदुबई विमान हादसे से बाल-बाल बचा, 30 सेकंड में हवा में हुआ खतरनाक घटनाक्रम | international news
हवा में सफर कर रहे 174 यात्रियों के लिए कुछ पल सांसें थाम देने वाले साबित हुए, जब एक कमर्शियल विमान तकनीकी और मौसमी अनिश्चितताओं के बीच अचानक बेकाबू जैसी स्थिति में आ गया। गनीमत रही कि भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार ने बेहद सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित संभाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह पूरी घटना विमानन इतिहास में दर्ज होने वाले सबसे डरावने पलों में से एक मानी जा रही है, जिससे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई थी।
विमान जब 30 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, तब अचानक इसके साथ अप्रत्याशित तकनीकी हलचल शुरू हुई। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म से सामने आए विस्तृत आंकड़ों के मुताबिक, विमान महज 29 सेकंड के भीतर लगभग 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया। इस दौरान विमान के नीचे गिरने की औसत रफ्तार करीब 535 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जो कि सामान्य से बेहद ज्यादा थी। इसके साथ ही विमान ने अचानक 135 डिग्री का शार्प टर्न भी लिया, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
विमान की इस अचानक और तीव्र गिरावट ने वैश्विक स्तर पर विमानन विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, कुछ पलों के लिए विमान के नीचे आने की रफ्तार 32 हजार फीट प्रति मिनट तक पहुंच गई थी। हालांकि, चालक दल के त्वरित प्रयासों से विमान को कुछ हद तक नियंत्रित किया गया और उसने दोबारा ऊंचाई हासिल करने की कोशिश की। वर्तमान में इस बात की आधिकारिक जांच की जा रही है कि आखिर इतनी अधिक ऊंचाई पर कॉकपिट के भीतर ऐसी कौन सी स्थिति बनी थी, जिसके कारण विमान अचानक गोता लगाने की स्थिति में आ गया।
