0

लखनऊ में सीजन की सबसे भारी बारिश, ड्रेनेज सिस्टम फेल, घरों-दुकानों में घुसा पानी

By Aug 17, 2026

राजधानी लखनऊ में सीजन की सबसे भीषण बारिश दर्ज की गई, जिसने नगर निगम की ड्रेनेज व्यवस्था और नाला सफाई के दावों की पोल खोल दी। रविवार तड़के से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। वाहनों के डूबने और कीमती सामान के खराब होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नागरिकों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जमीनी स्तर पर नालों की सफाई का काम नहीं हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व यूपी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून बेहद मजबूत स्थिति में है। इसी का असर है कि लखनऊ और आसपास के जिलों में भारी बारिश हो रही है।

जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड, जानकीपुरम, जियो पार्क, डीएस कॉलोनी, संजय गांधीपुरम, भूतनाथ बाजार और लालकुआं के गांधीनगर जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। लोगों के घरों में फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और खाद्य सामग्री तक खराब हो गई। कई कॉलोनियां चारों ओर से पानी से घिर गईं, जिससे सुबह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। हाल ही में कराए गए वर्षा जल निकासी परियोजना के बावजूद जलभराव की समस्या बनी रही, जिससे व्यवस्था की खामियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

परियोजनाओं पर सवालिया निशान

इंदिरा नगर के सेक्टर-7 में करोड़ों रुपये की लागत से बनी वर्षा जल निकासी परियोजना की भी पोल खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों का निर्माण तो हुआ, लेकिन जल निकासी के लिए आवश्यक ढाल (स्लोप) और पानी के सुचारु प्रवाह पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी तरह, विधायक आवास और एसबीडी चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग पर बने नाले का स्लोप ठीक न होने और पुलियों की सफाई न होने से पानी का प्रवाह बाधित हुआ। महानगर सचिवालय कॉलोनी में भी नाले का गंदा पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय निवासियों ने हर बारिश के बाद जलभराव की समस्या पर चिंता व्यक्त की है और करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई नालियों से कोई लाभ न मिलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परियोजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। लोगों ने पूरे ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बारिश के बाद नगर निगम के अधिकारी निरीक्षण के लिए निकले, लेकिन तत्काल राहत दिलाने में नाकाम रहे।

About

Journalist covering latest updates.

साझा करें