लखनऊ में सफाई व्यवस्था की पोल खुली, प्रभारी मंत्री ने एजेंसी पर लगाया पांच लाख का जुर्माना
लखनऊ में नगर निगम की सफाई व्यवस्था की हकीकत उस वक्त सामने आ गई जब प्रदेश के वित्त एवं लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने अयोध्या दास प्रथम, अयोध्या दास द्वितीय और फैजुल्लागंज द्वितीय तथा गोमती नगर वार्डों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री को जगह-जगह भीषण गंदगी, कूड़े के ढेर और बजबजाती नालियां मिलीं। सफाई व्यवस्था की इस बदहाली पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण में यह पाया गया कि जिन एजेंसियों को नालियों की सफाई और समग्र स्वच्छता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्होंने अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन नहीं किया। इस पर मंत्री ने लायंस सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे से भुगतान लेने के बावजूद यदि एजेंसियां काम नहीं करेंगी तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सफाई व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर मंत्री ने नगर निगम के जोन-3 और जोन-4 के जोनल सेनेटरी अधिकारियों का पांच-पांच दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, संबंधित सफाई सुपरवाइजरों को निलंबित करने का आदेश भी जारी किया गया। मंत्री ने जोर देकर कहा कि जवाबदेही तय किए बिना व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
नालियों की सफाई को लेकर मंत्री विशेष रूप से नाराज दिखे। कई स्थानों पर नालियां महीनों से साफ नहीं हुई थीं और उनमें कचरा भरा हुआ था, जबकि इन पर प्रतिमाह करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब भुगतान नियमित रूप से हो रहा है, तो सफाई कार्य क्यों नहीं हो रहा है। इस पर अधिकारी निरुत्तर दिखे। सबसे खराब स्थिति फैजुल्लागंज द्वितीय वार्ड में पाई गई।
इस निरीक्षण का सीधा असर शहर की स्वच्छता पर पड़ेगा, क्योंकि अधिकारियों को अब जवाबदेही तय करनी होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर, नगर आयुक्त सहित नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहे। मंत्री ने शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी।
