यूपी कांग्रेस में मिशन 2027 की तैयारी: सभी छह सह प्रभारी हटाए गए, नई टीम का गठन
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पार्टी ने सभी छह मौजूदा सहप्रभारियों को हटाकर उनकी जगह नए नेताओं को नियुक्त किया है। यह फेरबदल कांग्रेस की नई टीम तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पहले प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यकाल में छह राष्ट्रीय सचिवों की टीम सहप्रभारियों के तौर पर काम कर रही थी। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रभारी बदले गए थे, लेकिन पुराने सहप्रभारियों को बरकरार रखा गया था। अब, 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए, पार्टी ने समीकरणों को साधते हुए राजेंद्र पाल गौतम को प्रभारी बनाकर नई टीम गठित की है। नए सहप्रभारियों में दिल्ली के अभिषेक दत्त, मध्य प्रदेश के कुणाल चौधरी, राजस्थान के जगदीश चंद्र जांगिड़, उत्तराखंड के संजीव आर्य, अंबाला के वरुण चौधरी और दिल्ली के अब्दुल हन्नान शामिल हैं। इन नेताओं को यूपी कांग्रेस के विभिन्न जोन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पार्टी जल्द ही प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी भी घोषित करने की तैयारी में है। पूर्व में तैनात रहे सहप्रभारियों धीरज गुर्जर, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, सत्यनारायण पटेल और तौकीर आलम को उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया गया है।
इस बीच, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डॉ. बीपी अशोक ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर राजनीतिक पारी शुरू की है। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की ज्वाइनिंग कमेटी के अध्यक्ष पवन खेड़ा और यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा। डॉ. अशोक आगामी विधानसभा चुनावों में बुलंदशहर जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, वह खुर्जा सुरक्षित विधानसभा सीट से दावेदारी कर सकते हैं। कांग्रेस में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि पार्टी का जो भी आदेश होगा, उसका पालन करेंगे और जनसेवा के लिए कार्य करेंगे।
