भूजल संरक्षण के लिए जन-भागीदारी आवश्यक: ऑस्ट्रेलिया से प्रो. महेश्वरी ने बताए उपाय
विश्व जल दिवस के मौके पर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में जल संरक्षण पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। सीएसए विवि में ‘हार्नेस द पावर ऑफ वाटर एंड जेंडर फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर’ विषय पर एक सेमिनार हुआ, जिसमें कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी से जल के कुशल उपयोग पर बल दिया गया।
सीएसजेएमयू के पर्यावरण विज्ञान विभाग में ‘अदृश्य संसाधन का प्रबंधन – सतत जल भविष्य के लिए सहभागी भूमिगत जल प्रबंधन’ विषय पर एक व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया के प्रो. बसंत महेश्वरी ने कहा कि भूजल एक अदृश्य लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन है, जिसके संरक्षण के लिए जन भागीदारी बहुत आवश्यक है। उन्होंने मारवी प्रोजेक्ट जैसे पहलों को बढ़ावा देने की वकालत की।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जल संरक्षण के महत्व, जल संसाधनों के सतत प्रबंधन और वैश्विक जल चुनौतियों के समाधान के प्रति जागरूक करना था। यह जन-भागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जो भविष्य की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
