लखनऊ Nagar Nigam कर्मचारियों का प्रदर्शन, वर्कशॉप demolition पर हंगामा
लखनऊ में नगर निगम के केंद्रीय कार्यशाला के कर्मचारियों ने मंगलवार को नगर आयुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का यह आक्रोश गोमती नगर स्थित आरआर कार्यशाला को तोड़े जाने को लेकर था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्यशाला को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के ध्वस्त कर दिया गया, जिससे उनके सामने काम करने और बैठने तक की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
करोड़ों का सामान खुले में पड़ा
कर्मचारियों ने बताया कि कार्यशाला के ध्वस्तीकरण से पहले न तो नए कार्यालय की व्यवस्था की गई और न ही वर्कशॉप के उपकरणों को सुरक्षित रखने की कोई योजना बनाई गई। इसके चलते करोड़ों रुपये की मशीनरी और अन्य सामान खुले में पड़े हैं, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। यहां तक कि विभाग के मुख्य अभियंता मनोज प्रभात के कार्यालय का सामान भी ट्रक में घूम रहा है और उनके बैठने का कोई स्थान तय नहीं हो पाया है।
मेयर ने पहले ही दी थी चेतावनी
इस मामले पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि केंद्रीय कार्यशाला की जमीन पर नगर निगम का नया मुख्यालय बनाया जा रहा है, इसलिए इसे तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने छह महीने पहले ही नगर आयुक्त गौरव कुमार और मुख्य अभियंता मनोज प्रभात को कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा था, लेकिन उन्होंने इंतजाम नहीं किया, जिससे यह दिक्कत पैदा हुई है।
सामान शिफ्टिंग पर भी विवाद
कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों ने बालाकदर कार्यशाला में सामान शिफ्ट करने को कहा था, लेकिन वहां के प्रभारी ने साफ इनकार कर दिया। इसके चलते स्थिति और बिगड़ गई और सामान इधर-उधर पड़ा हुआ है। आरआर जेई की ओर से 24 घंटे में पूरा परिसर खाली करने का निर्देश भी दिया गया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
