कानपुर Fake degree scam: एसआईटी जांच का दायरा बढ़ा, उत्तराखंड, सिक्किम और झारखंड जाएंगी टीमें
कानपुर में फर्जी डिग्रियों के रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद एसआईटी (SIT) ने जांच को तेज कर दिया है। इस मामले में अब एसआईटी की टीमें उत्तराखंड, सिक्किम और झारखंड का रुख करेंगी। टीमें जल्द ही इन राज्यों के लिए रवाना होंगी। किदवईनगर पुलिस ने गोशाला चौराहे के पास स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में दबिश देकर चार युवकों को फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड शैलेंद्र कुमार ओझा समेत चार को जेल भेजा जा चुका है। इनके पास से 14 यूनिवर्सिटी की 900 से ज्यादा डिग्रियां, अंकपत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट मिले थे।
जांच के दौरान एसआईटी की पांच टीमें फरीदाबाद की लिंग्या, हापुड़ की मोनाड, अलीगढ़ की मंगलायतन, सहारनपुर की ग्लोकल और फिरोजाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी में जांच करने पहुंची थीं। इनमें से चार यूनिवर्सिटी की 132 डिग्रियां फर्जी मिल चुकी हैं। मंगलायतन यूनिवर्सिटी ने सभी 40 डिग्रियां सही होने की बात बताई थी, लेकिन एसआईटी ने अब उनसे छात्रों के फार्म भरने, अनुपस्थिति और परीक्षा की जानकारी मांगी है। सीएसजेएमयू की भी 357 डिग्रियां सही मिली हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआईटी टीमों को उत्तराखंड, सिक्किम और झारखंड भेजा जाएगा। इस बीच, फर्जी डिग्री मामले में पांच आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। एसआईटी और सर्विलांस टीम इनकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक इनका कोई पता नहीं चल सका है।
