होली में यात्रियों की फजीहत: वंदे भारत समेत 31 ट्रेनें डायवर्ट, 14 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें रद्द
होली के त्योहार के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर गंगाघाट के पास ट्रैक मेंटीनेंस कार्य के चलते रेलवे ने एक बड़ा मेगा ब्लॉक लिया है। इस ब्लॉक के कारण 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक 31 महत्वपूर्ण ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। इनमें दिल्ली-अयोध्या वंदे भारत एक्सप्रेस और दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं, जिन्हें अब गाजियाबाद से मुरादाबाद होकर लखनऊ भेजा जाएगा।
इस डायवर्जन के चलते वंदे भारत और स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल, इटावा, फफूंद और अलीगढ़ जैसे स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी एडवांस बुकिंग को या तो रद्द करा लें या फिर यात्रा की तारीख में बदलाव कर लें।
यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
इस मेगा ब्लॉक का सीधा असर त्योहार पर घर जाने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। डायवर्ट की गई ट्रेनों के कारण यात्रा का समय बढ़ सकता है और वैकल्पिक मार्गों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है।
पैसेंजर ट्रेनों का निरस्त होना
सिर्फ ट्रेनों का रूट डायवर्ट ही नहीं हुआ है, बल्कि रेल प्रशासन ने इस रूट की 14 जोड़ी से अधिक मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरे 42 दिनों तक के लिए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इनमें कानपुर-लखनऊ, कानपुर-रायबरेली और लखनऊ-झांसी खंड की ट्रेनें प्रमुख हैं। कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को कानपुर सेंट्रल पर ही आंशिक रूप से समाप्त या प्रारंभ किया जाएगा, जिससे यात्रियों को असुविधा होगी।
सुरक्षा और गति सुनिश्चित करने का प्रयास
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गंगाघाट रेलवे पुल पर डाउन लाइन के जर्जर ट्रफ को बदला जाना है। यह कार्य अप लाइन पर किए गए सुदृढ़ीकरण के तर्ज पर होगा, जिसका उद्देश्य ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित करना है। यह कार्य लगभग दस वर्ष बाद स्लीपर बदलने के लिए किया जा रहा है।
स्पेशल ट्रेनों की घोषणा
यात्रियों की सुविधा के लिए, पूर्वोत्तर रेलवे ने होली के मद्देनजर कुछ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। एक स्पेशल ट्रेन गोमतीनगर (लखनऊ) से मालतीपाटपुर (उड़ीसा) के लिए चलेगी, जबकि दूसरी मऊ से जोधपुर के लिए चलाई जाएगी। ये ट्रेनें यात्रियों को कुछ हद तक राहत प्रदान करेंगी, लेकिन डायवर्ट और रद्द ट्रेनों की संख्या को देखते हुए कुल मिलाकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
