उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों का प्रदर्शन सुधरा, लाइन हानियां घटीं: UP electricity news
उत्तर प्रदेश के बिजली वितरण क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल रहा है। राज्य में लाइन वितरण हानियां (लाइन लॉस) घटकर 13.71 प्रतिशत पर आ गई हैं, जो जल्द ही इकाई अंक में पहुंचने की उम्मीद है। यह सुधार इसलिए भी अहम है क्योंकि यूपी में घरेलू उपभोक्ताओं की हिस्सेदारी 87 प्रतिशत है, जबकि अन्य राज्यों जैसे गुजरात, ओडिशा और महाराष्ट्र में औद्योगिक उपभोक्ताओं का अनुपात कहीं अधिक है। इस बेहतर प्रदर्शन से आम जनता को भविष्य में बेहतर बिजली आपूर्ति और संभावित रूप से स्थिर दरों का लाभ मिल सकता है।
वर्ष 2021-22 में उत्तर प्रदेश की सकल तकनीकी और वाणिज्यिक हानियां 31.19 प्रतिशत थीं, जो अब वर्ष 2024-25 में घटकर 19.21 प्रतिशत रह गई हैं। इसी अवधि में वितरण हानियां भी 19.80 फीसदी से कम होकर 13.71 प्रतिशत पर आ गई हैं। यह आंकड़े राज्य की बिजली कंपनियों के परिचालन दक्षता में वृद्धि को दर्शाते हैं।
राज्य में कुल 3.72 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 3.24 करोड़ (87%) घरेलू उपभोक्ता हैं। वाणिज्यिक उपभोक्ता 23.91 लाख (6%), औद्योगिक उपभोक्ता 2.15 लाख (1%), कृषि उपभोक्ता 15.96 लाख (4%) और सरकारी उपभोक्ता 4.27 लाख (1%) हैं। घरेलू उपभोक्ताओं में से 53 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के हैं। यह उपभोक्ता संरचना बिजली कंपनियों के लिए राजस्व संग्रह और घाटे को कम करने में एक अनूठी चुनौती पेश करती है। निजीकरण के मॉडल, जैसे कि आगरा और नोएडा में टोरेंट और नोएडा पावर कंपनी द्वारा अपनाए गए, पूरे प्रदेश में लागू करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में औद्योगिक उपभोक्ताओं का अनुपात शेष राज्य की तुलना में बेहतर है। यह दर्शाता है कि राज्य-व्यापी सुधारों के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है।
