Lucknow news: अस्पताल स्टाफ पर FIR दर्ज न करने पर वकीलों ने घेरा थाना, DCP के आदेश पर हुई कार्रवाई
लखनऊ के बाजारखाला इलाके में शनिवार को वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने बाजारखाला थाने का घेराव करते हुए सड़क पर लेटकर नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन एक निजी अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने को लेकर किया गया था। वकीलों के हंगामे के कारण सड़क पर जाम लग गया। डीसीपी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
वकीलों ने बताया कि उनके साथी नरेंद्र साहू की बहू ने बीते 22 नवंबर को एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची कमजोर होने के कारण उन्हें रामा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। वकीलों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर मनमाना बिल वसूला गया। महंगी जांचें कराई गईं, जिनकी रसीद भी नहीं दी गई। साथ ही, अस्पताल के मेडिकल स्टोर से ही महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर किया गया।
जब नरेंद्र साहू ने बहू और पोती को डिस्चार्ज करने को कहा, तो अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें बंधक बना लिया। आरोप है कि डॉक्टर और स्टाफ ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। मनमाना बिल वसूलने के बाद 28 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
नरेंद्र साहू ने 10 दिसंबर को बाजारखाला थाने में अस्पताल स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आईजीआरएस और कमिश्नर से भी शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि आईजीआरएस पर 14 जनवरी को रिपोर्ट लगा दी गई थी। शनिवार को वकीलों ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया। डीसीपी के आदेश के बाद पुलिस ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
