UP Budget 2024: योगी सरकार का आखिरी बजट 11 फरवरी को, इन लोकलुभावन योजनाओं पर रहेगा फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार 11 फरवरी को अपना बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। यह बजट योगी आदित्यनाथ सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा। केंद्र सरकार द्वारा आम बजट पेश किए जाने के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी बजट को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वित्त विभाग में बैठकों का दौर जारी है और विभागों से आए प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है।
सामाजिक कल्याण और पेंशन पर जोर
आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार का विशेष ध्यान सामाजिक कल्याण योजनाओं पर रहेगा। प्रदेश में 1.07 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिलता है। सूत्रों के अनुसार, सरकार सामाजिक पेंशन की राशि में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती है। इसके अलावा, कन्या विवाह के लिए अनुदान राशि को भी एक समान करने की घोषणा की जा सकती है। छात्रवृत्ति की राशि में एकरूपता लाने पर भी विचार किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत व्यय में वृद्धि
प्रदेश सरकार पूंजीगत व्यय को बढ़ाने पर जोर देगी, जिसका सीधा लाभ इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मिलेगा। पिछले बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे इस बार ढाई लाख करोड़ रुपये के पार ले जाने की योजना है। विशेष रूप से नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, स्टेट हाईवे, ग्रामीण सड़कों और नए अस्पतालों के निर्माण के लिए भी बजट में रकम दी जा सकती है।
औद्योगिक निवेश और रोजगार पर फोकस
बजट में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किए जाएंगे। निवेश योजनाओं को अतिरिक्त रकम मिलने की उम्मीद है। सरकार नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा कर सकती है और डिफेंस कॉरिडोर में जमीन खरीद की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राशि आवंटित की जा सकती है। युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए कौशल विकास योजनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत वितरित होने वाले टैबलेट खरीद के बजट को भी बढ़ाया जा सकता है।
