केंद्र सरकार के बजट से Kasganj Tourism को मिलेगी नई पहचान, सोरों समेत इन स्थलों का होगा विकास
केंद्र सरकार के हालिया बजट में धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस घोषणा से उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में स्थित तीर्थ नगरी सोरों के विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस बजट से सोरों के साथ-साथ जिले के अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को भी नई पहचान मिलेगी।
सोरों को तीर्थ नगरी के रूप में जाना जाता है, जहां हरिपदी गंगा स्थित है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा, हर माह पूर्णिमासी और वर्ष में लगने वाले मार्गशीर्ष मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। महाशिवरात्रि और सावन माह में कांवड़ यात्रियों की भीड़ भी उमड़ती है। इन श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लंबे समय से मांग चल रही थी।
बजट प्रावधानों के तहत, सोरों की प्राचीन पंचकोसी परिक्रमा के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, जिले के अन्य पर्यटक स्थलों जैसे नदरई जलसेतु, गंगा वन, भागीरथ वन और दरियाबगंज स्थित गोखुर झील को भी बढ़ावा मिलेगा। इन स्थलों को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
बजट में ई-बस सेवाओं और डिजिटल गंतव्य डेटा तैयार करने का भी प्रावधान किया गया है। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को इन स्थलों का भ्रमण करने में आसानी होगी। इन प्रयासों से Kasganj Tourism को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने में मदद मिलेगी।
