आगरा में फर्जी मस्टरोल घोटाला: तीन अधिकारी निलंबित, fake signatures का खुलासा
आगरा में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के तीन अधिकारियों को फर्जी मस्टरोल बनाकर भुगतान करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस घोटाले में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी सुरेश प्रताप, माधुरी यादव और वरिष्ठ लिपिक आलोक माहेश्वरी शामिल हैं।
आरोप है कि इन अधिकारियों ने विकास भवन स्थित पीआरडी कार्यालय से विभिन्न सरकारी कार्यालयों, थानों और अन्य स्थानों पर ड्यूटी पर भेजे जाने वाले स्वयंसेवकों के नाम पर फर्जी मस्टरोल तैयार किए। उन्होंने लोहामंडी, हरीपर्वत, किरावली और महिला थाने के थाना प्रभारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान प्राप्त किया।
इस गड़बड़ी की शिकायत के बाद, उप निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने एक चार सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी की जांच में फर्जी भुगतान की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट शासन मुख्यालय को भेजी गई, जिसके बाद शनिवार को तीनों अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया। इस घटना से सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
