इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पर कार्रवाई, 22 करोड़ का जुर्माना; कोर्ट ने मांगा जवाब
नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई के तहत, इंडिगो एयरलाइन के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष को नौकरी से निकाल दिया गया है। केंद्र सरकार ने अदालत को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि एयरलाइन पर 22 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। इस फैसले से विमानन उद्योग में हलचल मच गई है, और यह यात्रियों के अधिकारों के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अदालत में पेश की गई सीलबंद रिपोर्ट में इस कार्रवाई का विवरण शामिल है। इसके साथ ही, कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी जारी की गई है। यह मामला यात्रियों को टिकट रद्द होने के बाद रिफंड और मुआवजे से संबंधित है। अदालत ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि वह तीन सप्ताह के भीतर इस संबंध में एक हलफनामा दाखिल करे।
यह मामला यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि एयरलाइंस अपनी सेवाओं में अनियमितताओं के लिए जवाबदेह हों। फंसे हुए यात्रियों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है, जिससे प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित है।
