कफ सिरप तस्करी के आरोपी की जमानत अर्जी ख़ारिज, कोर्ट का बड़ा फैसला
लखनऊ में नशे के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल करने और उसकी तस्करी के आरोपी विशाल सिंह की जमानत अर्जी एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार राय ने खारिज कर दी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, नशीली कफ सिरप की सप्लाई को लेकर मिली शिकायतों के बाद 12 फरवरी 2024 को एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
8 अप्रैल 2024 को एसटीएफ को सूचना मिली कि एक ट्रक में भारी मात्रा में कफ सिरप लोड करके लखनऊ से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है। सुल्तानपुर रोड पर एसटीएफ ने ट्रक को रोका और 52 गत्ते कफ सिरप बरामद किया। पूछताछ में चालक ने विशाल सिंह और उसके साथियों की संलिप्तता का खुलासा किया, जो नशे के लिए कफ सिरप बेचने वाला एक संगठित गिरोह संचालित करते हैं। एसटीएफ ने विशाल सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।
इस बीच, धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में, बिकी हुई जमीन को दोबारा बेचने के आरोपी बिल्डर प्रमोद कुमार उपाध्याय की जमानत अर्जी भी एडीजे एकता सिंह ने खारिज कर दी। शिकायतकर्ता राजबहादुर ने मोहनलालगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने एक प्लॉट खरीदा था, लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी ने उसे पहले ही किसी और को बेच दिया था।
यह फैसले आम जनता के लिए एक स्पष्ट संदेश देते हैं कि नशीले पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना रहे।
