लखनऊ में साहिर लुधियानवी के जीवन पर नाटक का मंचन, दर्शकों ने सराहा
लखनऊ के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में प्रसिद्ध शायर साहिर लुधियानवी के जीवन पर आधारित नाटक ‘साहिर: हर इक पल का शायर’ का सफल मंचन किया गया। राजीव प्रधान द्वारा अवध कॉन्क्लेव और आकृति सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के सहयोग से प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को साहिर के जीवन के हर पहलू से रूबरू कराया। नाटक का लेखन चंद्रशेखर वर्मा ने किया था, जबकि इसका निर्देशन गोपाल सिन्हा ने किया।
नाटक की शुरुआत साहिर की मशहूर पंक्तियों ‘मैं पल दो पल का शायर हूं’ से हुई, जिसने दर्शकों को तुरंत कहानी से जोड़ दिया। नाटक में साहिर के जीवन के उतार-चढ़ाव, उनके प्रेम संबंध, विद्रोह की भावना और सत्य की खोज को एक कैनवस की तरह प्रस्तुत किया गया। साहिर की जीवन यात्रा को मंच पर जीवंत होते देख दर्शक भावुक हो उठे।
नाटक में मुख्य भूमिकाओं में डॉ. सुधांशु मणि ने साहिर का किरदार निभाया, जबकि रूपाली चंद्रा ने अमृता प्रीतम की भूमिका निभाई। चंद्रशेखर वर्मा ने कथावाचक के रूप में कहानी को आगे बढ़ाया। डॉ. सुधांशु मणि के अभिनय, उनके उर्दू उच्चारण और दमदार आवाज ने साहिर के चरित्र को गहराई दी। रूपाली चंद्रा ने अमृता प्रीतम की गहनता को बखूबी पकड़ा।
शाम का मुख्य आकर्षण साहिर द्वारा लिखित क्लासिक हिंदी फिल्म गीतों की लाइव संगीत प्रस्तुति थी। डॉ. प्रभा श्रीवास्तव और पंकज कुमार ने ‘कभी कभी मेरे दिल में’, ‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया’ और ‘अभी ना जाओ छोड़कर’ जैसे गीतों को गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
