बजट का सही इस्तेमाल करें, व्यर्थ खर्च रोकें: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा है कि अस्पतालों में अनावश्यक खर्चों पर बजट बर्बाद न करें, बल्कि मरीजों से जुड़ी महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान दें। उन्होंने मातृत्व सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के दौरान कहा कि योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।
डिप्टी सीएम ने निजी अस्पतालों से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के आंकड़े जुटाने में विभाग की विफलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान निजी अस्पतालों से मरीजों और मौतों के आंकड़े एकत्र किए जा सकते थे, तो फिर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांक के आंकड़े क्यों नहीं?
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जमीनी स्तर पर काम करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई कसर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के बजट में उन मदों में कटौती की जानी चाहिए जो आवश्यकता के अनुरूप नहीं हैं।
ब्रजेश पाठक ने बताया कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश ने संस्थागत प्रसवों में वृद्धि और मातृ एवं नवजात देखभाल सेवाओं को मजबूत करके मातृ मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, मातृ एवं नवजात मृत्यु और बच्चों में कुपोषण अभी भी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है।
