ईरान की करेंसी का कमाल: 826 रुपये में 1 करोड़ रियाल, जानें क्या है पूरा मामला
दुनिया भर में कई देशों की मुद्राएं भारतीय रुपये से मजबूत हैं, जैसे डॉलर, यूरो और पाउंड। वहीं, पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों की मुद्राएं भारतीय रुपये के मुकाबले काफी कमजोर हैं। लेकिन ईरान एक ऐसा देश है जिसकी मुद्रा, ईरानी रियाल, भारतीय रुपये के मुकाबले हजारों गुना कमजोर है।
वर्तमान विनिमय दर के अनुसार, एक भारतीय रुपया 12,109.63 ईरानी रियाल के बराबर है। इसका मतलब है कि केवल 100 भारतीय रुपये से 12.10 लाख से अधिक ईरानी रियाल खरीदे जा सकते हैं। इसके विपरीत, ईरान के 1 करोड़ रियाल का मूल्य भारतीय मुद्रा में केवल 825.79 रुपये है।
ईरानी मुद्रा की यह कमजोरी पिछले कई दशकों से चली आ रही है, लेकिन दिसंबर 2025 के अंत में यह स्थिति और गंभीर हो गई जब अमेरिकी डॉलर का अनौपचारिक विनिमय दर 1.4 मिलियन रियाल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस भारी गिरावट ने पिछले कुछ वर्षों में ईरानी मुद्रा का लगभग 90% मूल्य समाप्त कर दिया है।
इस कमजोर स्थिति का मुख्य कारण ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं। इन प्रतिबंधों के कारण देश में महंगाई बढ़ी है और आर्थिक विकास दर धीमी हुई है। विश्व बैंक ने भी 2025 और 2026 में ईरान की जीडीपी में गिरावट का अनुमान जताया है। यह आर्थिक स्थिति सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करती है, जिससे उनकी क्रय शक्ति पर असर पड़ता है।
