यूपी में 1861 करोड़ की 33 पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी, 2.87 लाख घरों को मिलेगा शुद्ध पानी
उत्तर प्रदेश में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के सरकारी संकल्प को बल मिला है। अमृत 2.0 योजना के तहत राज्य की 33 महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं को हरी झंडी मिल गई है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं के लिए 1861 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।
इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से प्रदेश के 2,87,801 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नए नलकूपों का निर्माण, पुराने नलकूपों की रीबोरिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना और मरम्मत जैसे कार्य कराए जाएंगे। यह परियोजनाएं राज्य के कई जिलों में पेयजल की आपूर्ति को सुदृढ़ करेंगी।
परियोजनाओं में बुलंदशहर, कुशीनगर, वाराणसी, एटा, प्रतापगढ़, महोबा, मुजफ्फरनगर, आगरा, सहारनपुर, गोरखपुर, बांदा, चित्रकूट, झांसी, हाथरस, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, गोण्डा, प्रयागराज, कासगंज, उन्नाव, मिर्जापुर और बाराबंकी जैसे जिलों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
बैठक में नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद और सचिव अनुज कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
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