आगरा जयपुर हाईवे पर कोहरे में पशुओं की सुरक्षा, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव बेल्ट से हादसों पर लगाम
आगरा-जयपुर हाईवे पर अब कोहरे और रात के अंधेरे में सड़क पर अचानक आ जाने वाले आवारा पशुओं से दुर्घटनाओं का डर कम होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए यह सराहनीय पहल की गई है। हाईवे पर घूमने वाले पशुओं की रात में दृश्यता बढ़ाने के उद्देश्य से उनके गले में विशेष रेट्रो-रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाई गई हैं।
इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों को दूर से ही पशुओं की मौजूदगी का पता चल जाएगा। इससे उन्हें समय रहते सावधानी बरतने का मौका मिलेगा और सड़क हादसों का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। यह कदम न केवल मानव जीवन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं की जान बचाने में भी सहायक होगा।
रायभा दक्षिणी बाईपास पर भी इसी तरह की पहल की गई है, जहाँ टोल प्लाजा प्रशासन ने सड़क पर घूमने वाले पशुओं के गले में रेट्रो-रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रात्रि के समय उनकी दृश्यता को बढ़ाना है, ताकि वाहन चालकों को समय पर संकेत मिल सके।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस पहल की खुलकर सराहना की है। उनका मानना है कि यह मानव और पशु दोनों की सुरक्षा की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्रयासों से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और हादसों में कमी आएगी। प्रशासन ने वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे बाईपास पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सतर्क रहें, ताकि यह मार्ग सभी के लिए सुरक्षित बन सके।
