कोहरे का कहर: आगरा में ट्रेनें 14 घंटे लेट, यात्रियों ने किया हंगामा, flight delay भी
घने कोहरे ने उत्तर भारत में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, खासकर आगरा में ट्रेनों और हवाई सेवाओं पर इसका गहरा असर पड़ा है। मंगलवार को गांधीधाम-भागलपुर एक्सप्रेस 14.5 घंटे और अवध एक्सप्रेस 7 घंटे की देरी से आगरा कैंट स्टेशन पहुंची। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई ने हंगामा भी किया।
यात्रियों की नाराजगी और रेलवे का बचाव
ट्रेनों के घंटों विलंबित होने से नाराज यात्रियों ने स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया। यात्रियों का कहना था कि एक किलोमीटर की दूरी तय करने में भी ट्रेनें एक घंटे से अधिक का समय ले रही हैं। इस अव्यवस्था के चलते दो दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी पीछे रहीं। कई यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करा लिए, जबकि कुछ ट्रेनों में पानी और भोजन की कमी को लेकर भी विवाद हुए। रेलवे हेल्पलाइन पर 2112 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 65% ट्रेनों की देरी से संबंधित थीं।
सुरक्षा के लिए सेमी-ऑटोमेटिक प्रणाली
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोहरे के कारण ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई है। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, ट्रेनों को सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली पर चलाया जा रहा है। इस प्रणाली में एक समय में एक ही ट्रेन एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच होती है, जिससे ट्रेनों को अधिक देर तक रोकना पड़ता है। यह निर्णय दुर्घटनाओं से बचने के लिए लिया गया है।
विभिन्न ट्रेनों का विलंब
कई महत्वपूर्ण ट्रेनें, जैसे सिकंदराबाद राजधानी (4 घंटे), गोंडवाना एक्सप्रेस (3.5 घंटे), भोपाल वंदे भारत (4 घंटे), मुंबई राजधानी (4 घंटे 40 मिनट), और उत्कल एक्सप्रेस (5 घंटे), आगरा पहुंचने में काफी विलंबित रहीं।
हवाई सेवाओं पर भी असर
ट्रेनों के अलावा, कोहरे का असर हवाई सेवाओं पर भी देखा गया। खेरिया एयरपोर्ट पर हैदराबाद, बेंगलुरु और अहमदाबाद से आने वाली फ्लाइटें देरी से पहुंचीं। हैदराबाद की फ्लाइट सबसे अधिक चार घंटे लेट रही, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बच्चों के रोने और अभिभावकों की चिंता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। कई यात्रियों ने फ्लाइट रद्द कराने की भी बात कही।
