Agra police news: दूध विक्रेता को थर्ड डिग्री, तलवों पर डंडे मारे; चौकी इंचार्ज निलंबित
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में पुलिस की बर्बरता का एक और मामला सामने आया है। जीवनी मंडी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक दूध विक्रेता को बेरहमी से पीटा। पीड़ित नरेंद्र कुशवाह का आरोप है कि पुलिस ने उसे थर्ड डिग्री दी, जिसमें उसके तलवों पर डंडे मारे गए और पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया। यह घटना तब हुई जब पीड़ित ने पुलिस के कहने पर अपना टेंपो चलाने से मना कर दिया था, क्योंकि उसे वाहन चलाना नहीं आता था।
घटना 2 जनवरी की सुबह की है। नरेंद्र कुशवाह अपने भाई धीरज के साथ आगरा में दूध सप्लाई का काम करते हैं। धीरज टेंपो चलाता है, जबकि नरेंद्र को चलाना नहीं आता। जब धीरज दूध देने गली में गया था, तब चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार और सिपाहियों ने कुछ लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने नरेंद्र से टेंपो साथ ले जाने को कहा। नरेंद्र ने असमर्थता जताई कि वह टेंपो चलाना नहीं जानता।
पुलिसकर्मियों को यह बात नागवार गुजरी। उन्होंने मौके पर ही नरेंद्र के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे घसीटकर चौकी ले गए। चौकी पर उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया। इसके बाद उसे लेटाकर तलवों पर डंडे बरसाए गए। पीड़ित चीखता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे जेल में सड़ाने की धमकी दी। बाद में उसे शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया गया।
पीड़ित के परिजनों ने बाद में उसे जमानत पर छुड़ाया। पीड़ित नरेंद्र कुशवाह ने शनिवार को डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी ने तत्काल प्रभाव से चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। पीड़ित के रिश्तेदार और भाजपा नेता राकेश कुशवाह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट के दौरान नरेंद्र से 1800 रुपये भी छीन लिए। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, पुलिसकर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यवहार और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक पुलिस के व्यवहार में बदलाव लाना मुश्किल है। पीड़ित नरेंद्र कुशवाह अब भयभीत है और आगरा में दूध सप्लाई का काम बंद करने पर विचार कर रहा है।
