दांतों की अनदेखी से बढ़ सकता है Heart Attack Risk, एक्सपर्ट ने बताया कैसे?
अक्सर लोग दांतों और मसूड़ों की समस्याओं को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। खराब मौखिक स्वास्थ्य सिर्फ मुंह तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को मसूड़ों की बीमारी (पीरियडोंटल डिजीज) होती है, उनमें हृदय रोगों का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है।
जब दांतों और मसूड़ों में संक्रमण होता है, तो मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया रक्त के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच जाते हैं। इससे पूरे शरीर में सूजन बढ़ती है, जो धमनियों को नुकसान पहुंचा सकती है। लगातार सूजन और बैक्टीरिया की मौजूदगी से धमनियों में फैटी जमाव और थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। यही थक्के आगे चलकर दिल के दौरे (Heart Attack) और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों की वजह बन सकते हैं।
दंत विशेषज्ञों का कहना है कि दांतों की देखभाल केवल मुस्कान के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर की सेहत के लिए जरूरी है। समय पर इलाज और सही देखभाल अपनाकर न सिर्फ दांतों को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि दिल और दिमाग को भी गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है।
