आगरा में भागवत कथा: कीर्ति किशोरी ने सुनाया ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र, भावुक हुए भक्त (Agra news)
आगरा के समाधि पार्क मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर भक्तों ने ध्रुव और प्रह्लाद के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन सुना। कथा व्यास श्री कीर्ति किशोरी ने भक्त और भगवान के अटूट रिश्ते को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि भक्ति का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन यदि निष्ठा सच्ची हो तो प्रभु स्वयं भक्त की रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान ध्रुव चरित्र का वर्णन किया गया। सौतेली माता के कटु वचनों से आहत होकर बालक ध्रुव ने कठोर तपस्या का संकल्प लिया। उनकी अटूट आस्था और लक्ष्य के प्रति अडिग विश्वास ने प्रभु नारायण को प्रसन्न किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें ध्रुव तारे का पद प्राप्त हुआ। यह कथा बताती है कि संकल्प और तपस्या से असंभव को भी साधा जा सकता है।
इसके बाद प्रह्लाद चरित्र पर प्रकाश डाला गया। प्रह्लाद की भक्ति निष्काम प्रेम का स्वरूप थी। उनके पिता हिरण्यकशिपु ने उन्हें प्रभु से विमुख करने के लिए हर संभव अत्याचार किया, लेकिन प्रह्लाद की निष्ठा टस से मस नहीं हुई। अंततः प्रभु ने नरसिंह अवतार लेकर भक्त की रक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि धार्मिक कथाएं समाज को संस्कारित करने और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कथाएं हमें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
