सऊदी अरब ने अमेरिका से ज्यादा भारतीयों को किया डिपोर्ट, MEA ने जारी किए आंकड़े (Indian deportation)
विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच वर्षों में सऊदी अरब से भारतीय नागरिकों का डिपोर्टेशन अमेरिका की तुलना में काफी अधिक रहा है। यह डेटा 2021 से 2025 तक की अवधि के लिए है और यह दर्शाता है कि गल्फ क्षेत्र में वीजा ओवरस्टे और श्रम कानूनों के उल्लंघन के कारण बड़े पैमाने पर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब ने इस अवधि के दौरान सबसे अधिक भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया। अधिकारियों ने बताया कि यह मुख्य रूप से सऊदी अरब के सख्त इकामा (रेजीडेंसी) नियमों, श्रम सुधारों और वीजा अवधि से अधिक रुकने वालों पर की गई कार्रवाई का परिणाम है। सऊदीकरण (Saudisation) नीतियों के तहत स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी नियमों को कड़ा किया गया है, जिससे विदेशी श्रमिकों पर दबाव बढ़ा है।
इसके विपरीत, अमेरिका से भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन की संख्या काफी कम रही है। हालांकि अमेरिका में आव्रजन प्रवर्तन को लेकर बहस तेज है, लेकिन भारतीय मिशनों के आंकड़ों के अनुसार, डिपोर्टेशन के मामले मुख्य रूप से वीजा ओवरस्टे या स्टेटस उल्लंघन से संबंधित हैं, न कि बड़े पैमाने पर अवैध सीमा पार करने से।
सरकार ने कहा कि वह विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। डिपोर्टेशन के उच्च आंकड़े गल्फ क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों के लिए वीजा और रेजीडेंसी नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित करते हैं।
