UP Panchayat Election: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने का आखिरी मौका, 30 दिसंबर तक करें आवेदन
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है और अब अनंतिम सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। मतदाताओं के पास अपने नाम में संशोधन कराने या सूची में नाम जुड़वाने के लिए केवल 30 दिसंबर तक का समय है।
आयोग के निर्देशों के तहत, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया था। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, जबकि डुप्लीकेट या अन्य कारणों से कई नाम हटाए भी गए हैं। उदाहरण के तौर पर, संभल जिले में पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 13,69,505 तक पहुंच गई है।
विधानसभा और पंचायत सूची में अंतर
ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच अक्सर यह भ्रम रहता है कि विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव की मतदाता सूचियां एक ही हैं। हालांकि, ये दोनों सूचियां अलग-अलग होती हैं और इनका पुनरीक्षण कार्य भी अलग-अलग आयोगों द्वारा किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए सूची तैयार करता है, जबकि उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनावों के लिए सूची तैयार करता है।
इस समय दोनों सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है और दोनों के लिए दावे-आपत्तियों की अंतिम तिथि 30 दिसंबर ही है। इसलिए मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने बीएलओ से संपर्क कर दोनों सूचियों में अपना नाम सुनिश्चित कर लें, ताकि वे किसी भी चुनाव में मतदान के अधिकार से वंचित न रहें। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद पंचायत निर्वाचन नामावली का अंतिम प्रकाशन 2 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
