MGNREGA की जगह G RAM G Bill लाने पर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, ‘संविधान पर हमला’ बताया
कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाए गए नए G RAM G Bill के विरोध में 5 जनवरी से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद पार्टी ने घोषणा की कि वह इस नए बिल का पुरजोर विरोध करेगी, जिसे हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी है।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस ने MGNREGA को बचाने के लिए सामूहिक शपथ ली है। उन्होंने इसे केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार बताया। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ‘MGNREGA बचाओ अभियान’ शुरू करेगी और इस योजना को हर कीमत पर सुरक्षित रखेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि MGNREGA काम के अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है, जो संविधान के अनुच्छेद 41 के नीति निर्देशक सिद्धांतों की भावना को दर्शाता है।
खड़गे ने केंद्र सरकार पर MGNREGA को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इस योजना ने लाखों लोगों को जीविका प्रदान की थी, जिसकी प्रभावशीलता को CAG जैसी सरकारी एजेंसियों ने भी स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार गारंटी के दिनों और फंड को कम करके गरीबों के इस अधिकार को छीनने की कोशिश की है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि MGNREGA की जगह G RAM G Bill लाना भारत के संघीय ढांचे पर हमला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह कदम राज्यों के पैसे और निर्णय लेने की शक्ति को छीन रहा है। उन्होंने कहा कि MGNREGA सिर्फ एक रोजगार कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक अवधारणात्मक विकास ढांचा है जिसकी विश्व स्तर पर सराहना की गई है।
