आगरा में 47 हजार मतदाताओं ने नहीं जमा किया गणना प्रपत्र, प्रशासन की बढ़ी चिंता; 26 दिसंबर है आखिरी तारीख
आगरा में जिला प्रशासन के हर प्रयास के बाद भी जिले में 47 हजार मतदाताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से दूरी बना ली है। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और सुपरवाइजरों के तीन से चार बार घर जाने के बाद भी गणना प्रपत्र जमा नहीं किया है। अधिकारी मतदाताओं को समझाने में लगे हुए हैं।
मतदाता जल्द ही प्रपत्र जमा कराने की बात कह रहे हैं। सबसे अधिक प्रपत्र आगरा कैंट विधानसभा क्षेत्र के 23 हजार और सबसे कम खेरागढ़ के 181 हैं। प्रपत्र जमा कराने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर है। 27 दिसंबर से प्रशासन द्वारा आधे अधूरे फार्म जमा करने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा। एक बार फिर से घर-घर जाएंगे।
नौ विधानसभा क्षेत्रों में 36 लाख मतदाता हैं। एसआईआर अभियान में एक लाख मृतक मतदाता, 3.34 लाख शिफ्टेड मतदाता मिले हैं। तीन लाख ऐसे मतदाता, जिन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका है। निर्वाचन आयोग के आदेश पर बीएलओ को प्रत्येक मतदाता के घर तीन बार जाना था। पहली बार में मैपिंग करते हुए गणना प्रपत्र देना था। दूसरी बार सत्यापन और तीसरी बार प्रपत्र की वापसी थी। अभियान में बीएलओ घर-घर गए और प्रपत्र का वितरण किया। 3696 बीएलओ ने बकायदा जिला प्रशासन को शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र के वितरण का शपथ पत्र भी दिया है।
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से लेकर सभी एडीएम और एसडीएम ने इसकी जांच भी की। प्रपत्र मिलने के बाद भी 47 हजार मतदाता ऐसे हैं जो अभी तक बूथों तक नहीं पहुंचे हैं। न ही बीएलओ से संपर्क किया है। ऐसे मतदाताओं को अन्य समूह की सूची में रखा गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि मतदाताओं से लगातार संपर्क किया जा रहा है। प्रपत्र जमा कराने का प्रयास जारी है। उधर, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने मंगलवार डाटा फीडिंग की समीक्षा की। अब तक 78 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है।
