नोएडा: पुराने कार बाजार में ‘धमाके का व्यापार’, बिना ट्रांसफर बिक रहीं गाड़ियां, सुरक्षा पर बड़ा खतरा
गौतमबुद्ध नगर जिले में बगैर निगरानी चल रहा पुरानी कार का बाजार लापरवाही के बम तैयार कर रहा है। पूरा पैसा लेकर वाहन बेचे जा रहे हैं। ट्रांसफर का वादा कर कार बेचने वाले डीलर बाद में मुकर जा रहे हैं। दिल्ली में हुए आतंकी धमाके में आतंकियों ने पुरानी गाड़ी को ही हथियार बनाया था। जिले में ऐसे वाहनों की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। यहां नियम-कानून नाम की कोई चीज नहीं दिखती।
सेक्टर-51, सेक्टर-16, सेक्टर-18, सेक्टर-62 यहां पुरानी गाड़ियों का खरीदने और बेचने का खुला बाजार लगा है। नोएडा की सड़कों के किनारे खड़ी पुरानी गाड़ियों में कई लग्जरी वाहन भी हैं। यहां गाड़ियों की कीमत 80 हजार से शुरू होकर 80 लाख तक जाती है। छोटी कार से लेकर एसयूवी तक सभी कारें बाजारों में उपलब्ध हैं। कमाल की बात तो यह है कि डीलर ट्रांसफर कराने के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय तक नहीं जाने का दावा करते हैं। एजेंट के अलग से पांच हजार रुपए लेकर बिना झंझट के ट्रांसफर कराने की बात कहते हैं।
दिल्ली में जिस गाड़ी में आतंकी धमका हुआ वह भी ट्रांसफर नहीं हुई थी। गौतमबुद्ध नगर में 4000 से ज्यादा वाहन बिकने के लिए आनलाइन प्लेटफार्म पर लिस्टेड हैं। प्रतिदिन 60-80 गाड़ियां बिकती हैं। जस्ट डायल पर सेक्टर-16 और 18 में ही 221 से ज्यादा सेकेंड हैंड कार डीलर लिस्टेड हैं। हर प्लेटफार्म पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 4000 से ज्यादा पुरानी गाड़ियां बिक्री के लिए लिस्टेड हैं। ज्यादातर दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, बुलंदशहर नंबर के वाहन यहां बिकते हैं। यह सिर्फ आतंकवाद का ही नहीं स्थानीय स्तर पर भी कानून व्यवस्था और अपराध का खतरा है।
