नोएडा में बिना सत्यापन रह रहे हजारों लोग, आतंकी घटनाओं का खतरा! पुलिस ने दी चेतावनी
गौतमबुद्ध नगर में सेक्टर, सोसायटी से लेकर गांवों में काफी किरायेदारी है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से किरायेदारों के सत्यापन को देखें तो सत्यापन कराना ही भूल जा रहे हैं, जबकि सत्यापन बेहद जरूरी है। इसके पीछे कारण फीस देना और थाने, चौकी जाकर प्रक्रिया को पूरा कराने में लगने वाला समय है।
यह लापरवाही घर, फ्लैट में घरेलू सहायक व सहायिका रखने के मामले में देखने को मिलती है। झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों का पूरा ब्योरा भी जिम्मेदारों के पास नहीं है। कोई भी संदिग्ध गौतमबुद्ध नगर में आकर छिप सकता है। हालांकि गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों का सत्यापन कराती है। सत्यापन की जद में सभी को लाना अभी भी दूर की बात है।
गौतबुद्ध नगर में शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयां समेत कंपनी कार्यालय आदि काफी तादाद में हैं। यहां देशभर के अधिकांश राज्यों से लोग रहते हैं। विदेशी लोग यहां रहकर नौकरी व व्यवसाय कर रहे हैं। साल दर साल बसावट और विकास दायरा बढ़ रहा है। इस कारण किरायेदारी भी खूब बढ़ रही है।
यह चलन गांवों में ज्यादा हैं। यहां पर छोटे-छोटे कमरों में कामगार व घरेलू सहायक भी रहते हैं। यहां रहने वाले लोगों की सटीक संख्या का पता करना भी चुनौती है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सत्यापन होना सबसे जरूरी है। इसके चलते किराये पर रहने वाले और घरेलू सहायक-सहायिका की जानकारी पुलिस के पास नहीं होती है। कोई घटना होने पर लिंक जुड़ने पर आरोपित के बारे में जानकारी होती है।
फिर बात जुलाई 2025 में नोएडा में आतंकी जिशान अली को पकड़ने का मामला हो या फिर नोएडा से बांग्लादेशियों का पकड़ने जाना हो। सेक्टर 126 थाना क्षेत्र में पकड़ा गया बांग्लादेशी आसिफ शेख न केवल नोएडा में रह रहा था, बल्कि पीजी तक चला रहा था। इससे पहले उसका गाजियाबाद इंदिरापुरम के पीजी में नौकरी करना और फर्जी आधार कार्ड बनवाना सामने आया था। इन सब लापरवाही के चलते कोई भी यहां आकर बस सकता है।
आतंकी घटना जैसा नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि समय-समय पर गांव, सेक्टर, सोसायटी में रहने वाले किरायेदारों का सत्यापन कराया जाता है। झुग्गी झोपड़ियों में भी सत्यापन कराने पर जोर है। जनवरी में तीनों जोन में अभियान चलाकर 25 हजार से ज्यादा सत्यापन किए गए थे। आगे भी अभियान चलाकर सत्यापन कराना जारी रहेगा। सत्यापन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लोग खुद भी यूपीकॉप एप डाउनलोड कर किरायेदारों का सत्यापन कर सकते हैं। आनलाइन ही 50 रुपये की फीस जमा कराकर सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इससे इतर स्थानीय चौकी पुलिस की मदद से भी सत्यापन होता है।
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