लाल किले से लव जिहाद तक: कट्टरपंथ की साजिश को उजागर करेंगी 12 पीड़ित
देश की राजधानी दिल्ली में पहली बार एक ऐसा आयोजन होने जा रहा है जो ‘लव जिहाद’ के मकड़जाल में फंसी युवतियों की आपबीती को सबके सामने लाएगा। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में, दिल्ली की मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में, वे युवतियां अपनी दर्दनाक कहानियाँ सुनाएंगी जिन्होंने धोखे और फरेब के इस जाल में फंसकर अपना जीवन खो दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को कट्टरपंथी इस्लामी जिहाद की खतरनाक साजिशों से अवगत कराना है, जिसके तहत न केवल धार्मिक पहचान छिपाकर युवतियों को बहकाया जाता है, बल्कि उन्हें इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर कर बाद में इस्लामिक देशों में तस्करी के लिए भेज दिया जाता है।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम में विशेष रूप से केरल से आई 12 पीड़ित युवतियां अपनी विस्तृत कहानियाँ साझा करेंगी। केरल को ‘लव जिहाद’ का गढ़ माना जाता है, जहाँ हजारों हिंदू लड़कियों को इसी तरह के षड्यंत्र का शिकार बनाया गया है। इन युवतियों की कहानियाँ न केवल पीड़ितों के दर्द को बयां करेंगी, बल्कि उन तरीकों को भी उजागर करेंगी जिनसे यह साजिश रची जाती है। इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर की चार अन्य पीड़ित युवतियां भी शामिल होंगी जो अपने अनुभव विस्तार से बताएंगी।
यह चिंता का विषय है कि इस तरह के जिहादी षड्यंत्रों में अब केवल मदरसों में पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि डॉक्टर और इंजीनियर जैसे उच्च शिक्षित मुसलमान भी शामिल हो गए हैं। लाल किले के सामने हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में कई डॉक्टरों की संलिप्तता और आत्मघाती हमलावर का डॉक्टर होना इस बात का प्रमाण है कि कट्टरपंथ की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। इसी तरह, ‘लव जिहाद’ के मामले में भी, लड़के अक्सर अपनी असली पहचान छिपाकर, दूसरे धर्मों के नकली नामों का इस्तेमाल करके, भोली-भाली लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं और फिर उन्हें अपना धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर करते हैं।
VHP दिल्ली के मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन ऐतिहासिक होगा क्योंकि इसमें दिल्ली के कॉलेजों की सैकड़ों छात्राएं भी मौजूद रहेंगी। पीड़ितों की कहानियाँ सुनकर ये युवा युवतियां जागरूक होंगी और भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश का शिकार होने से बच सकेंगी। यह आयोजन समाज को इस गंभीर समस्या के प्रति सचेत करने और अपनी बेटियों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री और VHP के वरिष्ठ पदाधिकारी इस अवसर पर उपस्थित होकर पीड़ितों का समर्थन करेंगे और इस लड़ाई में एकजुटता का संदेश देंगे।
