कानपुर में हुक्का बार और वसूली की शिकायत पर 2 दरोगा-2 सिपाही सस्पेंड, जांच के आदेश
कानपुर पुलिस महकमे में शुक्रवार को हुई एक समन्वय बैठक के बाद शनिवार को बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के चलते बर्रा थाने में तैनात एक दरोगा और एक सिपाही को हुक्का बार संचालित करवाने के आरोप में, वहीं स्वरूप नगर थाने में तैनात एक दरोगा और एक सिपाही को वसूली के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। पुलिस आयुक्त ने चारों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त सभागार में आयोजित एक बैठक के बाद हुई, जिसमें भाजपा सांसद रमेश अवस्थी, जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। पदाधिकारियों ने थाना प्रभारियों पर भी अपमानजनक व्यवहार और फोन न उठाने जैसी शिकायतें की थीं। बर्रा थाने के दरोगा और सिपाही पर जहां हुक्का बार चलाने का आरोप लगा, वहीं स्वरूप नगर थाने के दरोगा और सिपाही पर वसूली का आरोप सामने आया।
पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने दोनों जोन के डीसीपी को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने जांच के बाद इन चारों पुलिसकर्मियों को थाने से हटाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
बैठक में भाजपाइयों ने बर्रा, गुजैनी, नौबस्ता, बसंत विहार जैसे इलाकों में मादक पदार्थों की बिक्री और जूही क्षेत्र में दुकानों के बाहर शराब पिलाने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया था। नौबस्ता चौराहे पर अवैध स्टैंड संचालन और पार्कों में अराजकता फैलाने जैसी अन्य शिकायतों पर भी पुलिस आयुक्त ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन कार्रवाइयों से आम जनता के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर विश्वास बढ़ेगा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
