लखनऊ में वीवीआईपी अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर? SC की सख्ती के बाद LDA में हलचल
राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में हलचल तेज हो गई है। अलीगंज अग्निकांड के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और अब इसके न्याय मित्र जल्द ही लखनऊ पहुंचकर चिह्नित अवैध भवनों का निरीक्षण करेंगे। इन भवनों में पूर्व राज्यपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायक, बड़े कारोबारी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की संपत्तियां भी शामिल हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन वीवीआईपी के भवनों पर भी बुलडोजर चलेगा?
एलडीए ने सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आए सभी भवनों का विस्तृत ब्योरा तैयार कर लिया है। इसमें प्रत्येक भवन की मंजिलों की संख्या, निर्माण की अवधि, उस समय तैनात अधिकारी, की गई कार्रवाई और कार्रवाई न होने के कारणों का रिकॉर्ड संकलित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान कोई भी तथ्य अधूरा न रहे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा चिह्नित 51 भवनों में से कई प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियां बताई जा रही हैं। इनमें एक पूर्व राज्यपाल और एक पूर्व कैबिनेट मंत्री से संबंधित तीन-तीन भवन जांच के दायरे में हैं। एक राज्य मंत्री से जुड़ा भवन भी अवैध निर्माण की श्रेणी में है। सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट भी तलब की है। एसआईटी अपनी रिपोर्ट में उन अधिकारियों के नाम भी शामिल करेगी जिनकी भूमिका या लापरवाही सामने आई है। मामले की सुनवाई सितंबर के मध्य में प्रस्तावित है, उससे पहले न्याय मित्र स्थलीय निरीक्षण कर अपनी स्वतंत्र रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे।
देश भर में वर्षों से बड़े पैमाने पर हो रहे अनाधिकृत निर्माण और नियमों की अनदेखी कर रिहायशी इलाकों में चल रही वाणिज्यिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली, पटना, लखनऊ और अन्य शहरों के ऐसे मामलों में युद्ध स्तर पर कार्रवाई का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद इन शहरों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर महादेवन की पीठ ने कहा है कि दिल्ली के होटल और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग से बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हुई है। इस टिप्पणी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सक्षम प्राधिकार को भवन निर्माण नियमों की अनदेखी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने पीठ को बताया कि 51 संपत्तियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिसे बिना किसी देरी के तार्किक नतीजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने हलफनामा दाखिल कर यह भी बताया कि एलडीए के पूरे अधिकार क्षेत्र में फॉलोअप का काम युद्धस्तर पर जारी रहेगा और इसे तीन सप्ताह में पूरा किया जाएगा। इस कार्रवाई से राजधानी में अवैध निर्माणों पर अंकुश लगने की उम्मीद है, जिससे आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
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