पैसे देकर अपना अपमान क्यों करवाते हैं लोग? भारत में ‘roast comedy’ का बढ़ता क्रेज
आज के दौर में जहां सोशल मीडिया पर एक ट्वीट से भी विवाद खड़ा हो जाता है, वहीं ‘रोस्ट कॉमेडी’ (roast comedy) शो की लोकप्रियता बढ़ रही है। लोग न सिर्फ इन शो में शामिल होने के लिए टिकट खरीदते हैं, बल्कि फ्रंट रो में बैठने के लिए अतिरिक्त पैसे देते हैं, जहां उन्हें व्यक्तिगत रूप से रोस्ट किया जा सकता है। यह चलन भारत में तेजी से बढ़ रहा है।
इस चलन के पीछे की वजह क्या है? विशेषज्ञ मानते हैं कि यह लोगों को अपनी असुरक्षाओं पर हंसने की अनुमति देता है। चाहे वह नौकरी की परेशानी हो, रिश्ते की उलझन हो, या व्यक्तिगत कमियां हों, रोस्ट शो एक ऐसा माहौल प्रदान करते हैं जहां इन विषयों पर खुलकर हंसा जा सकता है। दर्शक इस माहौल में जज होने के डर से मुक्त महसूस करते हैं।
रोस्ट कॉमेडी का आकर्षण सिर्फ मजाक में नहीं है, बल्कि ‘ध्यान’ (acknowledgement) पाने की इच्छा में है। आज के ‘अटेंशन इकोनॉमी’ (attention economy) में, लोगों को नजरअंदाज किया जाना अपमान से भी बुरा लगता है। रोस्ट होने से उन्हें लगता है कि उन्हें पहचाना गया है। कॉमेडियन इसी मनोविज्ञान का फायदा उठाते हैं।
अनुभव सिंह बस्सी, राहुल दुआ, कुणाल कामरा जैसे कई कॉमेडियन ने इसी साहस और दर्शकों की अपमान सहने की इच्छा पर अपने ब्रांड बनाए हैं। यह दिखाता है कि समाज में एक ऐसा वर्ग है जो आलोचना को स्वीकार करने और उस पर हंसने के लिए तैयार है।
