सरकारी जमीन पर उगी 20 हजार की गेहूं फसल, Aligarh news में डेढ़ लाख की लगी बोली
अलीगढ़ के अतरौली तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीन पर उगी गेहूं की फसल को लेकर अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 20-25 हजार रुपये की अनुमानित कीमत वाली इस फसल को प्रशासन ने नीलाम किया, लेकिन गांव की गुटबाजी के चलते बोली डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच गई। जिसने अवैध रूप से यह फसल बोई थी, उसी ने ऊंची बोली लगाकर इसे वापस खरीदा।
मामला बिरनेर गांव का है, जहां सरकारी जमीन पर गेहूं की फसल उगाई गई थी। इस अवैध कब्जे की शिकायत हाईकोर्ट तक पहुंच गई। इसके बाद एसडीएम सुमित सिंह ने मामले की जांच की और पाया कि फसल वास्तव में सरकारी जमीन पर है। प्रशासन ने फसल को लावारिस घोषित कर दिया और उसकी खुली बोली लगाने का फैसला किया।
प्रशासन ने जब फसल की नीलामी शुरू की, तो गांव में गुटबाजी साफ दिखाई दी। जिस ग्रामीण (बबलू पुत्र खूबीराम) ने यह फसल बोई थी, उसने इसे हर कीमत पर वापस पाने की ठान ली। बोली लगाते समय प्रतिद्वंद्वी गुटों ने भी हिस्सा लिया, जिससे कीमत लगातार बढ़ती गई। अंत में, बबलू ने 1.5 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर फसल अपने नाम कर ली। यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
