फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर क्या हैं आपके अधिकार? DGCA के flight delay rules जानिए
उत्तर भारत में इन दिनों घने कोहरे के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित है। कई उड़ानों में घंटों की देरी हो रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों के लिए अपने अधिकारों को जानना महत्वपूर्ण है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने फ्लाइट में देरी या रद्द होने की स्थिति में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
DGCA के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री समय पर चेक-इन कर चुका है और फ्लाइट दो से चार घंटे लेट होती है, तो एयरलाइन को मुफ्त भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराना होता है। यदि देरी छह घंटे से अधिक हो जाती है, तो यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान का विकल्प या टिकट का पूरा रिफंड दिया जाना अनिवार्य है।
फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में भी यात्रियों को मुआवजा मिलता है। यदि उड़ान रद्द होने की सूचना एक घंटे के भीतर दी जाती है, तो यात्री को 5,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है। दो घंटे के भीतर सूचना देने पर यह मुआवजा राशि 10,000 रुपये तक हो सकती है। यदि 24 घंटे से अधिक की देरी के बाद री-बुकिंग होती है, तो 20,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है।
इसके अलावा, यात्रियों के सामान के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने पर भी मुआवजा देने का प्रावधान है। यदि कोई यात्री अपनी यात्रा रद्द करना चाहता है, तो उड़ान से 7 दिन पहले तक टिकट रद्द करने पर सभी करों और शुल्कों का पूरा रिफंड प्राप्त करने का अधिकार है।
