कानपुर देहात में गहराया पानी संकट, Jal Jeevan Mission की परियोजनाएं अधूरी
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी का संकट गहराने लगा है। जिले के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत शुरू की गई पेयजल परियोजनाएं तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई हैं। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर बनी पानी की टंकियां महज शोपीस बनकर रह गई हैं, जबकि पाइपलाइन बिछाने का काम भी अधूरा है।
जिले के 1036 गांवों और मजरों में 3.5 लाख से अधिक घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए वर्ष 2023 में 504 परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ था। इन परियोजनाओं को मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार और बजट की कमी के चलते अभी तक केवल 226 परियोजनाएं ही पूरी हो पाई हैं। 278 परियोजनाओं का काम अभी भी अधर में लटका हुआ है।
परियोजनाओं के निर्माण में देरी के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यमुना सेंगुर बेल्ट के करीब 200 से अधिक गांवों में अभी से पानी का संकट गहरा गया है। जल जीवन मिशन के काम शुरू होने के बाद जिले में लगे 53 हजार हैंडपंपों की अनदेखी की गई है। मौजूदा समय में 2 हजार से अधिक हैंडपंप रीबोर की स्थिति में हैं, जबकि बड़ी संख्या में हैंडपंप मामूली खराबी के कारण पानी नहीं दे पा रहे हैं।
जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक, बजट की कमी और कार्यदायी संस्थाओं की धीमी चाल के कारण 504 परियोजनाओं में से 226 पूरी हो पाई हैं। 278 में काम चल रहा है, जिनमें से 139 में 50 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि अब बजट मिलने के बाद काम में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
