वृंदावन में झूम उठा जंबूरी, धनबाद की छात्राओं ने लोकनृत्य से जीता दिल
लखनऊ उत्तर प्रदेश के वृंदावन योजना में आयोजित 19वें राष्ट्रीय जंबूरी में उस समय समां बंध गया जब झारखंड की बालिका आवासीय विद्यालय की 26 छात्राओं ने अपने लोकनृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गले में लाल व सफेद रंग की विशिष्ट माला, बालों में मोरपंख और झारखंड की पारंपरिक साड़ी पहने इन युवा कलाकारों ने अटल स्टेडियम में पहुंचते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
झारखंड से लगभग 1300 स्काउट्स एवं गाइड्स इस राष्ट्रीय जंबूरी में भाग ले रहे हैं। बुधवार को झारखंड की टीम ने अपने लोकनृत्य का शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, छात्राओं ने बिना किसी स्पीकर के केवल माइक का प्रयोग कर और मांदर-ढोल की थाप पर अपनी आवाज़ से ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया। यह प्रदर्शन उनकी प्रतिभा और कला का उत्कृष्ट प्रमाण था, जिसने भारतीय संस्कृति की विविधता और सुंदरता को बखूबी दर्शाया।
इस अनूठी प्रस्तुति में गाइड शिक्षिका ऋचा प्रसाद और धनबाद स्काउट गाइड टीचर मेनका मिश्रा का विशेष सहयोग रहा। जंबूरी में पहली बार भाग ले रही छात्राओं, जैसे नेहा, प्रियांशु, रानी और रिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक सुखद अनुभूति है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के बारे में जो सुना था, उसे यहां प्रत्यक्ष रूप से देखा। छात्राओं ने यह भी महसूस किया कि इस तरह के आयोजन न केवल देश को एक सूत्र में पिरोते हैं, बल्कि युवतियों को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
भारत स्काउट्स और गाइड्स का यह भव्य आयोजन 29 नवंबर तक चलेगा। वृंदावन योजना के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर लगभग 350 एकड़ में बसाई गई एक अस्थायी टेंट सिटी में विभिन्न राज्यों और पांच देशों से आए करीब 35 हजार स्काउट्स–गाइड्स का सैलाब उमड़ पड़ा है। यह आयोजन साहसिक अभियानों से लेकर विज्ञान तकनीक, संस्कृति, सेवा और खेलकूद तक, हर गतिविधि से युवा ऊर्जा का एक जीवंत उत्सव प्रस्तुत कर रहा है। प्रत्येक राज्य ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी सांस्कृतिक प्रदर्शन, नवाचार, शिल्प, कला और पर्यटन को प्रदर्शित कर रहा है।
