मांट-वृंदावन पोंटून पुल शुरू, देवराहा बाबा पुल का काम अधूरा
वृंदावन और मांट को जोड़ने वाला केशी घाट पर यमुना नदी पर बना पोंटून पुल गुरुवार की सुबह से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस पुल के शुरू होने से मांट क्षेत्र के निवासियों के लिए वृंदावन की दूरी काफी कम हो गई है। जहाँ पहले पानीगांव होकर वृंदावन जाने के लिए लगभग 16 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, वहीं अब केशी घाट पर बने इस पोंटून पुल से यह दूरी मात्र 5 किलोमीटर रह गई है।
इस पुल के निर्माण का समय 15 अक्टूबर से 15 जून तक रहता है, लेकिन इस वर्ष कुछ अप्रत्याशित तकनीकी खामियों के चलते इसके निर्माण में लगभग डेढ़ महीने का विलंब हुआ। विलंब के बावजूद, केशी घाट पर पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो गया है।
हालांकि, मांट-वृंदावन के मध्य बनाए जाने वाले दो पोंटून पुलों में से एक, जो देवराहा बाबा समाधि स्थल के पास स्थित है, उसका निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस देरी का मुख्य कारण ठेकेदार की लापरवाही को माना जा रहा है। इस अधुरे पुल के कारण स्थानीय लोगों में असंतोष है।
केशी घाट पर पोंटून पुल के शुरू होने से मांट क्षेत्र के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मजदूर, दूधिया, निजी नौकरी करने वाले लोग और छात्र मांट से वृंदावन आते-जाते हैं। इस पुल के बनने से उनके यात्रा समय में भारी बचत होगी और दैनिक जीवन की गतिविधियों में आसानी आएगी। यह पुल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।
