ताजमहल के पांच किलोमीटर के दायरे में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बरकरार | agra news
सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल के पांच किलोमीटर के दायरे में पेड़ों की कटाई पर रोक को कड़ाई से लागू रखते हुए स्पष्ट किया है कि अदालत की अनुमति के बिना किसी भी पेड़ को काटा नहीं जा सकता है। यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक स्मारक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ताजमहल से पांच किलोमीटर के भीतर आने वाले क्षेत्र में यदि पेड़ों की संख्या 50 से भी कम है, तब भी कटाई के लिए विधिवत आवेदन देना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया में केंद्रीय सशक्त समिति की सिफारिश ली जाएगी, जिसके बाद ही अदालत इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
ताज ट्रेपेजियम ज़ोन एक विशाल क्षेत्र है जो उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे आगरा, फिरोज़ाबाद, मथुरा, हाथरस, एटा और राजस्थान के भरतपुर तक फैला हुआ है। इस पूरे क्षेत्र में पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए अदालत ने कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं।
इसके अलावा, इस क्षेत्र में पांच किलोमीटर की परिधि से बाहर पेड़ काटने के लिए भी डिविज़नल फॉरेस्ट ऑफिसर की अनुमति को आवश्यक कर दिया गया है। डीएफओ तभी अनुमति दे सकेंगे जब प्रतिपूरक वृक्षारोपण जैसी सभी शर्तें पूरी हो चुकी हों। केवल मानव जीवन के लिए आसन्न खतरे जैसी अत्यंत आपातकालीन स्थितियों को छोड़कर किसी भी परिस्थिति में छूट नहीं दी जाएगी।
