गाजियाबाद, आगरा और प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला | uttar pradesh news
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कानून व्यवस्था के दायरे को और अधिक प्रभावी बनाते हुए गाजियाबाद, आगरा और प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई। इस नई व्यवस्था के लागू होने से इन महानगरों में पुलिस प्रशासनिक फैसले और अधिक तेजी से लिए जा सकेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण और शहरी सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
तीसरे चरण में हुआ विस्तार
राज्य में सबसे पहले जनवरी 2020 में लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में कमिश्नरेट प्रणाली की शुरुआत हुई थी। इसके बाद दूसरे चरण में मार्च 2021 में कानपुर और वाराणसी को इस दायरे में लाया गया था। अब तीसरे चरण के तहत गाजियाबाद, आगरा और प्रयागराज को इस आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जा सके।
एटीएस कमांडो हब और अन्य फैसले
सुरक्षा तंत्र को और अधिक धार देने के लिए सरकार ने रामपुर में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के स्पॉट पुलिस कमांडो हब और सहारनपुर में कमांडो ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए निशुल्क भूमि आवंटन के प्रस्तावों को भी पारित किया गया है। इसके अलावा, पुलिस बल के रेस्पॉन्स टाइम को सुधारने के वास्ते नए वाहनों की खरीद को हरी झंडी दिखाई गई है, ताकि आपात स्थिति में पुलिस बल कम से कम समय में मौके पर पहुंच सके।
