यूपी में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, मैनपुरी और आगरा में डूबने से छह लोगों की मौत | uttar pradesh news
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी और आगरा जिलों में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान भारी लापरवाही और गहरे पानी के कारण दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। इन हादसों में कुल छह लोगों की जान चली गई, जिससे दोनों ही इलाकों में मातम पसर गया है। त्योहार की खुशियां पलभर में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं।
मैनपुरी जिले के घिरोर क्षेत्र स्थित ऋषि मार्कण्डेय मंदिर परिसर के विधूना कुंड में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे कुछ युवक नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए। कुंड की गहराई का अंदाजा न होने के कारण पांच लोग डूबने लगे। स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक अन्य गंभीर हालत को देखते हुए सैफई मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालांकि, जब तक बाकी लोगों को बाहर निकाला जाता, तब तक तीन युवकों की मौत हो चुकी थी।
दूसरी तरफ, आगरा के पोईया घाट पर भी एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा हुआ। मंडी सईद खान इलाके से कुछ युवक टेंपो में गणेश प्रतिमा लेकर यमुना नदी में विसर्जन करने पहुंचे थे। वे लोग निर्धारित सुरक्षित घाटों के बजाय एक ऐसी जगह पर चले गए जहां प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही कोई गोताखोर मौजूद था। यमुना के गहरे पानी में उतरने से पांच युवक डूबने लगे। गोताखोरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों की जान बचा ली, लेकिन तीन युवकों को नहीं बचाया जा सका। हादसे में दम तोड़ने वालों की पहचान शिवम, रामबरन और बाबू के रूप में हुई है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा निर्धारित घाटों और कुंडों के बाहर जाकर अनधिकृत जगहों पर विसर्जन करने से इस तरह के जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे हादसों से बचने के लिए स्थानीय निकायों और पुलिस प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह का गम न झेलना पड़े।
