यूपी विधानसभा में हंगामा: स्पीकर सतीश महाना हुए नाराज, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शायरी से मनाया | UP Budget Session
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहा, जहाँ पांचवें दिन स्पीकर सतीश महाना एक भाजपा विधायक केतकी सिंह पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। बाद में, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने एक शायरी सुनाकर स्पीकर को शांत कराया, जिसके बाद सदन में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। यह घटना UP Budget Session के दौरान सदन के भीतर के तनाव और सुलह दोनों को उजागर करती है।
प्रश्नकाल के दौरान, सपा विधायक रागिनी सोनकर ने लोकसेवा आयोग से जुड़ी भर्तियों पर सवाल पूछा, जिसका जवाब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दे रहे थे। इसी बीच भाजपा विधायक केतकी सिंह के हस्तक्षेप पर स्पीकर महाना ने उन्हें डांटते हुए कहा, “क्या आप हाउस चलाएंगी क्या?” इसके बाद उन्होंने अपना हेडफोन फेंक दिया और सदन को स्थगित कर दिया।
सत्र के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठे। सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने आजमगढ़ के राजकीय मेडिकल कॉलेज से निकाले गए कर्मचारियों का मुद्दा उठाया और संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग की, जिस पर श्रम मंत्री अनिल राजभर ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित न कर पाने की बात कही। सपा विधायक अनिल प्रधान ने इंटर पास छात्राओं को स्कूटी दिए जाने और ड्राइविंग लाइसेंस में छूट पर सवाल किया, जिस पर स्पीकर ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की।
गुरुवार को विधान परिषद में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि भाजपा सरकार में 15.99 लाख कर्मकारों को रोजगार मिला है और जीडीपी में 127 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने किन्नर समाज की समस्याओं पर चर्चा को ऐतिहासिक बताया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पिछली सरकारों पर प्रदेश को लूटने का आरोप लगाते हुए विकसित उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करने की बात कही। विधान परिषद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आए। इन बहसों और हंगामों का सीधा असर राज्य की जनता से जुड़े मुद्दों पर पड़ता है, जो विधानसभा में उठाए जाते हैं।
